मेरा एक शब्द खो गया है, वही ढूँढ रही हूँ | यहीं रखा था शायद पलंग पर या फिर रसोईघर में ; कहाँ गया पता नहीं | बहुत जरुरी है, कहीं बच्चो के बस्ते में तो नहीं? कैसे भूल सकती हूँ मैं उस शब्द को? सारा घर देखा अलमारी देखी, यहाँ तक की पुरानी पेटी भी खोल डाली... अरे यह देखो मिल गया, मेरी पुरानी किताबो में, पन्नो के नीचे दबा पड़ा था मेरा कीमती शब्द | अब मिला है तो खोने नहीं दूँगी मेरा शब्द - "अस्तित्व"....हाँ मेरा अस्तित्व !!!!
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